निलेश निशाकर की कलम से
सबसे पहले उन
लोगो को अपने
मान की कणक से
उनके चरणो को स्पर्श कर प्रणाम करता हूँ जो लोग अपने कीमती समय मे से कुछ समय निकाल
कर लिखी हुई लाईन को पढ़ने जा रहे हैं ! आप सभी
का ज्यदा समय
न लेकर मैं
अपनी बातो की
शुरुआत एक शायराना
पन्किति से शुरू
करता हूँ –
सांसो को अपने साथ लेकर बैठा हूँ !
कागज,कलम
अपने हाथ लेकर बैठा हूँ !!
ख़त्म कर देते हैं हम जिस दौलत के पीछे अपनी
पूरी जिंदगी,
आज उसी दौलत की औकात लिखने बैठा हूँ !!
एक इंशान सारी जिंदगी
मेहनत करता है खुद की जिंदगी जीता नही बस पैसा पैसा कमाता है जोड़ता है कहता है अपने
परिवार के लिए जोड़ रहा हूँ अपने बुढ़ापे के लिए जोड़ रहा हूँ अपने दुख के वक्त के
लिए जोड़ रहा हूँ वो काम करता रहता है करता रहता हैं और एक दिन करोड़ पति अरब पति बन
जाता है
लेकिन एक दिन जब वो
सो रहा था तो अचानक किसी ने उसके शरीर से कंबल हटाया जब उसने अपनी आँखे खोली तो देखा
सामने यमराज खड़े हैं सेठ बोला यमराज जी मैं आपकी क्या सहयता कर सकता हूँ यमराज बोले
क्षमा करना मैं आपको लेने आया हूँ सेठ अचानक उच्छल कर अपने बिस्तर पर बैठ गया और बोला
क्या बोले आप यमराज फिर बोले मैं आपको लेने आया हूँ आपका समय ख़त्म हो गया है ये सुन
कर सेठ घबरा गया और बोला यमराज जी मेरे पास बहुत धन और दौलत है करोड़ो रुपय हैं मैं
आपको 30 करोड़ रुपया देता हूँ मुझे एक दिन जीने का वक्त दीजिए यमराज बोले नही अपना
समय खराब मत करो और चलो मेरे साथ सेठ बोला आप 50 करोड़ रुपया ले लीजिए मुझे शाम तक
जीने का समय दे दीजिए यमराज बोले तुम्हारे साथ साथ मेरा भी समय खराब हो रहा है तुम
चलो सेठ फिर बोला आप मेरी पूरी दौलत ले लीजिए पर मुझे सिर्फ़ एक घंटे तक जीवित रहने
का समय दे दीजिए यमराज बोले कदापि नही सेठ के आँखे नम हो गईं सेठ ने कहा ठीक है मुझे
एक खत लिखने का वक्त दे दीजिए यमराज उसकी बतो से भॉऊक् हो कर बोले है जल्दी लिखो और
चलो मेरे साथ !
सेठ ने खत मे लिखा
- मेरे प्यारे दोस्तो हम सारी जिंदगी धन दौलत जुटाने के पीछे अपनो से भी मारा मारी
कर देते हैं पैसो के पीछे भागते हैं अपनी जिंदगी जी नही पाते भूल जाते हैं की हमे अपना
वक्त परिवार को देना है भाइयो बहनो और दोस्तो को देना है और जब आँखरी वक्त आता है तो
हमारा पूरा का पूरा धन धारा का धारा रह जाता है जिसे हम अपनी पूरी जिंदगी मे जुटाते
हैं उस धन से हम लाख -कोशिस करने के बाद भी करोड़ो रुपया खर्च करने के बाद भी एक सांस
नही खरीद सकते वो दौलत धरी की धरी रह जाती है!
इसलिए मेरे प्यारे
दोस्तो जब तक जीवित हो प्रेम से जिवो खुशी से जिवो अपनी जिंदगी जिवो परिवार के साथ
जिवो दोस्तो के साथ मिल कर जिवो अच्छे कर्म करके जिवो कियोंकि कल ये जिंदगी हो ना हो
ये जिंदगी हो ना हो!
मैं आशा करता हूँ आप
सभी लोग अब अपनी जिंदगी का ज़्यादा से ज़्यादा समय अपने परिवार के साथ बिताएँगे!
धन्यवाद