मेरे विचार (कवि की कलम से)
1. इंशान की सोच ही उसकी माहान्ता की प्रतिबिम्ब होती है !
................. कवि निलेश निशाकर
2. लड़ना है तो अपने आने वाली कठिनाइयों से लड़ो किसी इंशान से नहीं !
................ कवि निलेश निशाकर
3. इंशान से लड़ने पर सिर्फ नफ़रत पैदा होती है पर कठिनाइयों से लड़ोगे तो अंदर की शक्तियां पैदा होंगी !
................. कवि निलेश निशाकर
4. महान वो नहीं जिसने किसी को हरा कर अपनी जित हासिल की हो बल्कि महान वो है जिसके हारने से लाखो लोगो ने जितने का तरीका सीखा !
................. कवि निलेश निशाकर
5. माता-पिता एक पगडण्डी की तरह होते हैं ,जिस पर उनके बच्चे चलते हैं अगर पगडण्डी (रास्ता) ही ख़राब हो जायेगा तो बच्चो का भविष्य अर्थात भारत का भविष्य सुनिशचित नहीं हो सकता !
................ कवि निलेश निशाकर
6. किसी के प्रति हमें ये नहीं सोचना चाहिए की वो हमारे प्रति क्या सोच रहा है बल्कि हमें ये सोचना चाहिए की हम उसके प्रति क्या सोच रहे हैं !
................. कवि निलेश निशाकर
7. अगर हम अपनी सोच से अपना भविष्य बदल सकते हैं तो हम सब मिलकर अपनी सोच से भारत का भविष्य सुनिश्चित कियों नहीं कर लेते !
................. कवि निलेश निशाकर
8. चाहने वालो को आज तक वो नहीं मिला जिसकी वो अपेक्षा करते हैं , पर करने वालो को वो सब मिल जाता है जिसकी वो अपेक्षा नहीं करते शायद इसलिए चाहने और करने में फर्क होता है !
................ कवि निलेश निशाकर
!!!!धन्यवाद !!!!!
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Thank you for Comment Nilesh Nishakar