जब प्यार किसी से होता है!(कविता)
जब प्यार किसी से होता है !
हर दर्द दवा बन जाता है !
क्या चीज मोहब्बत होती है !
एक शख्श खुदा बन जाता है !
ये लब चाहे खामोश रहे,
आँखों से पता चल जाता है !
कोई लाख छुपा ले इश्क़ मगर,
इस दुनिया को पता चल जाता है !
जब इश्क़ का जादू चढ़ता है,
गुलशन में फूल खिल जाता है !
जब कोई दिवाना मचलता है,
तब ताजमहल बन जाता है !
लैला ने नाम दिया मजनू का, रांझा ने हीर दिया !
इस इश्क़ में किसी ने ताजमहल बनवाया,
किसी ने पहाड़ को चिर दिया !
ये इश्क़ करने वाले करते नहीं क्लेश !
चलो इतिहास को दोहराया जाये
कहे कवि निलेश !
!!!! धन्यवाद !!!!!
कवि निलेश निशाकर
जब प्यार किसी से होता है !
हर दर्द दवा बन जाता है !
क्या चीज मोहब्बत होती है !
एक शख्श खुदा बन जाता है !
ये लब चाहे खामोश रहे,
आँखों से पता चल जाता है !
कोई लाख छुपा ले इश्क़ मगर,
इस दुनिया को पता चल जाता है !
जब इश्क़ का जादू चढ़ता है,
गुलशन में फूल खिल जाता है !
जब कोई दिवाना मचलता है,
तब ताजमहल बन जाता है !
लैला ने नाम दिया मजनू का, रांझा ने हीर दिया !
इस इश्क़ में किसी ने ताजमहल बनवाया,
किसी ने पहाड़ को चिर दिया !
ये इश्क़ करने वाले करते नहीं क्लेश !
चलो इतिहास को दोहराया जाये
कहे कवि निलेश !
!!!! धन्यवाद !!!!!
कवि निलेश निशाकर
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Thank you for Comment Nilesh Nishakar