उस जालिम का नाम क्या था ?
सपनो में मिली तो सपनो को सजाने को कहा !
हकिकत में मिली तो दिल लगाने को कहा !
अरे ख्वावों का खत थमा दिया उसने,
मेरे इन कोमल से हांथो में,
जब खत पढ़ने चला
तो दिया हुआ खत, जलने को कहा !!
खत जलने क्या चला, ये दिल जलने लगा
मोहब्बत के मेले में था, अकेला और मैं भूलने लगा
पर मैं भुला सका न उसको, जो कभी याद आई नहीं
खत के बदले मैंने कागज़ जला दिया
पर आज तक वो खत जलाई नहीं !!
कैसे जलाता......
उसके वक्त के साथ
मेरा हालत जो बदलता गया
जीतनी दूर वो जाती गई
उतना हीं मैं मचलता गया !!
क्या पाया और क्या खोया उसने
ये अभी मुझे पता नहीं
पर हाँ.....
मेरे सपनो में सिर्फ वो आया करती थी
मैं कभी जाता नहीं !!
कियों जाऊं....
बिना आँशु का रोना
उसके आँखों के फिदरत की मेल है
किसी से मिलना और किसी से बिछड़ना
ये मेरे किस्मत की खेल है !!
इस किस्मत ने उसके लिए......
न सुबह लिखा था,
न शाम लिखा था,
न जमीं लिखा था,
न आसमां लिखा था,
जो ख्याल आया मेरे दिल में ,
बस वही ,ख्याल उसके नाम लिखा था !!
ये मत पूछो...
उन ख्यालो का अंजाम क्या था,
जिसने डुबो दिया मुझे
इस दर्द की दरिया में
कैसे बताऊँ.....
उस जालिम का नाम क्या था ?
!!!!धन्यवाद!!!!
कवि निलेश निशाकर
सपनो में मिली तो सपनो को सजाने को कहा !
हकिकत में मिली तो दिल लगाने को कहा !
अरे ख्वावों का खत थमा दिया उसने,
मेरे इन कोमल से हांथो में,
जब खत पढ़ने चला
तो दिया हुआ खत, जलने को कहा !!
खत जलने क्या चला, ये दिल जलने लगा
मोहब्बत के मेले में था, अकेला और मैं भूलने लगा
पर मैं भुला सका न उसको, जो कभी याद आई नहीं
खत के बदले मैंने कागज़ जला दिया
पर आज तक वो खत जलाई नहीं !!
कैसे जलाता......
उसके वक्त के साथ
मेरा हालत जो बदलता गया
जीतनी दूर वो जाती गई
उतना हीं मैं मचलता गया !!
क्या पाया और क्या खोया उसने
ये अभी मुझे पता नहीं
पर हाँ.....
मेरे सपनो में सिर्फ वो आया करती थी
मैं कभी जाता नहीं !!
कियों जाऊं....
बिना आँशु का रोना
उसके आँखों के फिदरत की मेल है
किसी से मिलना और किसी से बिछड़ना
ये मेरे किस्मत की खेल है !!
इस किस्मत ने उसके लिए......
न सुबह लिखा था,
न शाम लिखा था,
न जमीं लिखा था,
न आसमां लिखा था,
जो ख्याल आया मेरे दिल में ,
बस वही ,ख्याल उसके नाम लिखा था !!
ये मत पूछो...
उन ख्यालो का अंजाम क्या था,
जिसने डुबो दिया मुझे
इस दर्द की दरिया में
कैसे बताऊँ.....
उस जालिम का नाम क्या था ?
!!!!धन्यवाद!!!!
कवि निलेश निशाकर
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Thank you for Comment Nilesh Nishakar