दिल के कुछ अल्फ़ाज़
अगर कोई आपको अच्छा लगता है,
तो अच्छा वो नहीं, अच्छे आप हैं
कियों की आप उसमे उसके अच्छे को तलाश रहे हैं !
अगर कोई आपको बुरा लगता है,
तो बुरा वो नहीं, बुरे आप हैं,
कियों की आप उसके अंदर सिर्फ
उसके बुराई को तलाश रहे हैं
इसलिए खुबशुरत होना खाश नहीं हैं
बल्कि किसी के लिए खाश होना हीं खूबशूरती है
कभी खुबशुरत इंशान से मोहब्बत नहीं होती
बल्कि जिस इंशान से मोहब्बत हो जाये
वो इंशान खुबशुरत हो जाता है
प्यार में पागल कहने वाले एक बात समझलो
बहुत देखा समझदार बन कर, पर ख़ुशी
हमेशा पागल बनने पर मिलती है
इसलिए किसी भी पागल को कभी पागल मत कहो
कियों की वो पागल आप से कहीं ज्यादा खुश है !
!!!!धन्यवाद!!!!
कवि निलेश निशाकर
अगर कोई आपको अच्छा लगता है,
तो अच्छा वो नहीं, अच्छे आप हैं
कियों की आप उसमे उसके अच्छे को तलाश रहे हैं !
अगर कोई आपको बुरा लगता है,
तो बुरा वो नहीं, बुरे आप हैं,
कियों की आप उसके अंदर सिर्फ
उसके बुराई को तलाश रहे हैं
इसलिए खुबशुरत होना खाश नहीं हैं
बल्कि किसी के लिए खाश होना हीं खूबशूरती है
कभी खुबशुरत इंशान से मोहब्बत नहीं होती
बल्कि जिस इंशान से मोहब्बत हो जाये
वो इंशान खुबशुरत हो जाता है
प्यार में पागल कहने वाले एक बात समझलो
बहुत देखा समझदार बन कर, पर ख़ुशी
हमेशा पागल बनने पर मिलती है
इसलिए किसी भी पागल को कभी पागल मत कहो
कियों की वो पागल आप से कहीं ज्यादा खुश है !
!!!!धन्यवाद!!!!
कवि निलेश निशाकर
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Thank you for Comment Nilesh Nishakar